साफ़ सुथराई पर पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद की हिदायतें

साफ़ सुथराई पर पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद की हिदायतें
- Apr 14, 2020
- Qurban Ali
- Tuesday, 9:45 AM
पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पाकी और सफ़ाई के बारे में अपने अनुयायियों को बड़े विस्तार से निर्देश दिए हैं और अपने अमल व व्यवहार से रहती दुनिया तक के लिए एक बेहतरीन नमूना पेश किया है।पहले यहाँ बात को अच्छी तरह-समझ लेना ज़रूरी है कि पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के आदेशों और निर्देशों की हैसियत मुसलमानों के लिए उपदेश और सलाह मशवरे की नहीं, बल्कि आदेश और हुक्म की है, जिन पर चलना हर मुसलमान के लिए ज़रूरी है। क़ुरआन में अल्लाह कहता है - ‘‘रसूल (पैग़म्बर) जो आदेश तुम्हें दे उस पर चलो और जिस बात से तुम्हें रोके उससे रूक जाओ।'' (क़ुरान ५९:७) क़ुरान ने अपने माननेवालों को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे पैग़म्बर (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवन को अपने लिए आदर्श बनाएं। क़ुरान में है - ‘‘बेशक तुम्हारे लिए ख़ुदा के पैग़म्बर में एक बेहतरीन नमूना (उत्तम आदर्श) है।'' (क़ुरान, ३३:२१) पैग़म्बर जो कुछ करते है और जो कुछ कहते है वह अल्लाह के हुक्म और उसकी मरज़ी के मुताबिक़ होता है, इसलिए पैग़म्बर की बात अल्लाह की बात होती है। इसी लिए पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया - ‘‘जिसने मेरी बात मानी उसने अल्लाह की बात मानी और जिसने मेरी नाफ़रमानी की उसने अल्लाह की नाफ़रमानी की।'' (हदीस: बुख़ारी- 2957) यहाँ पैग़म्बर की इस हैसियत और मक़ाम को बयान करने से हमारा मक़सद यह बताना है कि पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सफ़ाई-सुथराई के बारे में जो आदेश दिए है उनकी हैसियत कानूनी है, जिनको मानना और उन पर अमल करना हर उस व्यक्ति के लिए ज़रूरी है जो इस्लाम का मानने वाला है।